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Fuel Crisis: Petrol-Diesel जमाखोरी पर प्रशासन सख्त, लागू हुए नए नियम

Fuel Crisis

Fuel Crisis | Source - AI Generated

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Petrol-Diesel जमाखोरी पर प्रशासन सख्त, लागू हुए नए नियम…

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में इन दिनों Fuel Crisis को लेकर प्रशासन पूरी तरह Alert Mode में दिखाई दे रहा है यानी Petrol और Diesel की Supply में देरी होने के बाद जिला प्रशासन ने जमाखोरी रोकने और आम लोगों तक Fuel की उपलब्धता बनाए रखने के लिए कई बड़े फैसले लागू कर दिए हैं।

अब जिले के किसी भी Petrol Pump से बोतल, केन या ड्रम में Petrol -Diesel नहीं दिया जाएगा और इसके अलावा एक ही वाहन को एक दिन में बार-बार Tank Full कराने की अनुमति भी नहीं मिलेगी। प्रशासन का मानना है कि इससे कालाबाजारी और अनावश्यक stocking पर रोक लगेगी।

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क्यों बढ़ी Fuel Crisis की स्थिति?

Fuel Crisis | Source – AI Generated

हर कोई जानता है की फिरोजाबाद आलू उत्पादन के लिए देशभर में जाना जाता है और जिले में बड़ी संख्या में Cold Storage मौजूद हैं जहां भारी मात्रा में Diesel की खपत होती है जिसके कारण गर्मी के मौसम में कोल्ड स्टोर लगातार चलने के कारण Diesel की मांग अचानक बढ़ गई है।

इसी बीच तेल कंपनियों से Supply में देरी ने हालात को और चुनौतीपूर्ण बना दिया प्राप्त जानकारी के अनुसार, Petrol पंप संचालकों द्वारा Advance भुगतान करने के बावजूद Depot से tanker पहुंचने में लगभग 48 घंटे तक का समय लग रहा है।

रविवार को Mathura Refinery बंद रहने के कारण शनिवार, रविवार और सोमवार को Supply पर सबसे ज्यादा असर देखने को मिला और लगातार बढ़ते Back log की वजह से सामान्य दिनों में भी Fuel वितरण प्रभावित हो रहा है।

 

प्रशासन के नए नियम क्या हैं?

जिला पूर्ति अधिकारी स्वीटी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब जिले में निम्न नियम लागू रहेंगे –

 

कालाबाजारी रोकने पर प्रशासन का Focus

पिछले कुछ दिनों में जिले के कई इलाकों में लोगों द्वारा जरूरत से ज्यादा Petrol -Diesel खरीदने की खबरें सामने आई थीं इससे आम उपभोक्ताओं को परेशानी होने लगी थी यहाँ तक की कई Petrol Pumps पर लंबी लाइनें भी देखने को मिलीं।

प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और जिले में Fuel की स्थायी कमी नहीं है केवल Supply चेन में तकनीकी और logistics दिक्कतों के कारण देरी हो रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में Panic Buying सबसे बड़ी समस्या बन जाती है जब लोग जरूरत से ज्यादा Fuel खरीदने लगते हैं तब वास्तविक संकट और गहरा जाता है।

 

Fuel Crisis का Cold Storage सेक्टर पर सबसे ज्यादा असर

फिरोजाबाद और आसपास के क्षेत्रों में हजारों टन आलू Cold Storage में रखा जाता है और इन Storage यूनिट्स को लगातार बिजली और Diesel generator की जरूरत पड़ती है।

Diesel की खपत अधिक होने के कारण प्रशासन ने खासतौर पर Cold Storage Operators को निर्देश दिए हैं कि केवल आवश्यक मात्रा में ही Fuel का इस्तेमाल किया जाए।

अगर किसी भी स्तर पर जमाखोरी या अवैध stocking पाई गई तो आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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आम लोगों के लिए क्या जरूरी है?

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए क्युंकी सोशल मीडिया पर फैल रही कई भ्रामक खबरों की वजह से लोग घबराकर अधिक मात्रा में Petrol -Diesel खरीद रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार सामान्य स्थिति बनाए रखने के लिए निम्न बातों का ध्यान रखना जरूरी है जैसे

 

देश के अन्य राज्यों में भी दिख चुका है Fuel Crisis

Fuel Crisis | Source – AI Generated

इससे पहले महाराष्ट्र, पंजाब और राजस्थान के कई जिलों में भी Supply बाधित होने के कारण अस्थायी Fuel Crisis जैसी स्थिति बन चुकी है हालांकि प्रशासनिक नियंत्रण और बेहतर Supply Management के जरिए हालात जल्दी सामान्य कर लिए गए थे।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत जैसे बड़े देश में logistics Network बेहद अहम भूमिका निभाता है और किसी एक रिफाइनरी या Transport System में देरी का असर कई जिलों तक दिखाई दे सकता है।

 

Fuel Crisis को लेकर प्रशासन की अपील

जिला पूर्ति विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में पर्याप्त मात्रा में Petrol और Diesel उपलब्ध है और वर्तमान नियम केवल अस्थायी तौर पर लागू किए गए हैं ताकि सभी लोगों तक समान रूप से Fuel पहुंच सके।

प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि संयम बनाए रखें और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।

फिरोजाबाद में लागू किए गए नए Fuel Management Rules का मुख्य उद्देश्य जमाखोरी रोकना और आम लोगों तक Fuel की सुचारू Supply बनाए रखना है। प्रशासन की सख्ती से आने वाले दिनों में स्थिति और बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है।

 

प्रश्न ये है की

अगर लोग अफवाहों से दूर रहकर केवल जरूरत के अनुसार Fuel इस्तेमाल करें तो किसी भी तरह की बड़ी समस्या से क्या आसानी से बचा जा सकता है?

लेकिन सोचने वाली बात है अगर परिस्थिति या स्थिति ऐसी ही रही तो क्या बाकी जिलों और राज्यों में भी ऐसी समस्या हो सकती है जिसका स्पष्टीकरण जरुरी है।


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