MGNREGA vs VB-G RAM G Scheme
क्या है ग्रामीण रोजगार में नया युग, जानते हैं 5 बड़े अंतरों के साथ..
भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy) देश की रीढ़ मानी जाती है और पिछले लगभग 20 सालों से MGNREGA ने गांवों में रोजगार देने में अहम भूमिका निभाई है।
अब केंद्र सरकार Rural Jobs Scheme को और आधुनिक बनाने की तैयारी में है। इसी दिशा में Viksit Bharat – Guarantee for Employment & Livelihood Mission (Gramin) यानी VB-G RAM G Scheme को लाने का प्रस्ताव सामने आया है।
PTI रिपोर्ट्स के अनुसार – सरकार संसद में एक नया बिल पेश करने की तैयारी कर चुकी है जिसका मकसद 2005 के पुराने MGNREGA कानून की जगह एक नया और मजबूत कानून लागू करना है। यह बदलाव Developed India 2047 के विज़न से जुड़ा हुआ है।
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VB-G RAM G Scheme क्या है?
VB-G RAM G Scheme को ग्रामीण विकास का नया मॉडल कहा जा रहा है इसमें सिर्फ रोजगार ही नहीं बल्कि आजीविका (Livelihood), इंफ्रास्ट्रक्चर और कृषि से जुड़े कामों को भी साथ जोड़ा गया है।
नए कानून के तहत ग्रामीण परिवारों को ज्यादा काम के दिन, बेहतर प्लानिंग और तेज़ भुगतान जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं।
बताते चलें की संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चल रहा है और इसी दौरान इस बिल को पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
MGNREGA vs VB-G RAM G Scheme: | 5 बड़े अंतर
(i). Funding Pattern में बड़ा बदलाव
MGNREGA में पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती थी। लेकिन इस नई Rural Jobs Scheme में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर खर्च साझा करेंगी, आइये अनुपात समझते हैं –
- पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य: 90% केंद्र + 10% राज्य
- अन्य राज्य: 60% केंद्र + 40% राज्य
- बिना विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेश: 100% केंद्र
इस मॉडल की तुलना अगर अन्य Central-State Schemes से की जाए तो यह जिम्मेदारी साझा करने वाला सिस्टम ज्यादा Sustainable माना जा रहा है ।
(ii). ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती
VB-G RAM G Scheme सिर्फ रोजगार नहीं बल्कि पूरे ग्रामीण Eco System को मजबूत करने पर फोकस करती है, जिसकी वजह से
- Water conservation projects को प्राथमिकता मिलेगी
- ग्रामीण सड़क और connectivity में सुधार आएगा
- Markets तक आसान पहुंच रहेगी
- Storage, production और trade को उचित बढ़ावा भी मिलेगा
इन बदलावों से गांवों में कई Business Activities बढ़ेंगी और Long Term Livelihood के मौके बनेंगे।
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(iii). रोजगार के दिनों में बढ़ोतरी
MGNREGA के तहत अभी तक एक वित्तीय वर्ष में 100 दिन के रोजगार की गारंटी मिलती थी लेकिन अब VB-G RAM G Scheme में इस सीमा को बढ़ाकर 125 दिन करने का प्रस्ताव है, जिससे –
- ज्यादा काम के दिन: ज्यादा Income stability
- ग्राम पंचायत खुद बनाएगी Development plans
- PM Gati Shakti जैसे digital systems से कनेक्शन
यह बदलाव ग्रामीण परिवारों को साल भर आर्थिक सहारा देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
(iv). खेती के सीजन में काम पर रोक
VB-G RAM G Scheme का एक खास पहलू खेती से जुड़ा है जिसमे बुआई और कटाई के समय करीब 60 दिन का विशेष पीरियड तय किया गया है, जिससे –
- इस दौरान Rural Jobs Scheme के प्रोजेक्ट्स पर रोक रहेगी
- खेती के लिए मजदूरों की कमी नहीं होगी
- फर्जी मजदूरी और गलत भुगतान पर भी रोक रहेगी
इससे किसानों को सीधा फायदा मिलेगा और Irrigation Projects भी मजबूत होंगे।
(v). Weekly Payment System
MGNREGA में मजदूरी का भुगतान अक्सर 15 दिन या उससे ज्यादा समय में होता था लेकिन नए कानून में Weekly Payment या काम पूरा होने के 15 दिन के अंदर भुगतान अनिवार्य किया गया है, जिससे –
- समय पर पैसा मिलने से cash flow बेहतर होगा
- काम न मिलने पर Unemployment Allowance का प्रावधान भी पहले की तरह ही रहेगा
- Wage rates तय करने की जिम्मेदारी केंद्र और राज्यों पर अनुपातिक रूप से रहेगी
यह मॉडल Urban wage systems से मिलता-जुलता माना जा रहा है।
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अगर समझें तो: MGNREGA vs VB-G RAM G Scheme की तुलना साफ दिखाती है कि सरकार Rural Employment India को एक नए स्तर पर ले जाना चाहती है।
जहाँ 125 दिन का रोजगार, बेहतर Payment system और Agriculture friendly मॉडल ग्रामीण भारत को Developed India 2047 के लक्ष्य के करीब ले जाने में मदद कर सकता है।
वहीँ अगर यह बिल संसद से पास होता है तो यह ग्रामीण रोजगार इतिहास का सबसे बड़ा Structural Reform माना जाएगा।
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