Google App Policy
New Verification Rule, Big Change for Android Users
आज के समय की बात करें तो हर कोई जानता है की Android दुनिया का सबसे लोकप्रिय Mobile Operating System है जहाँ करोड़ों लोग रोज़ाना Google Play Store से Apps Download करते हैं।
हालांकि, कई बार ऐप्स Play Store के बाहर से भी इंस्टॉल किए जाते हैं इस प्रक्रिया को साइडलोडिंग – Sideloading कहा जाता है।
साइडलोडिंग से फायदा तो यह है कि ऐसे ऐप्स तक पहुंच मिलती है जो Play Store पर उपलब्ध नहीं होते। लेकिन इसमें एक बड़ा खतरा भी छिपा रहता है क्योंकि कई धोखेबाज़ Developers इसी रास्ते से मैलवेयर फैलाते हैं।
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Google App Policy – क्यों जरूरी है यह बदलाव?

गूगल के आधिकारिक ब्लॉग के मुताबिक अब हर Developer ( संगठन या व्यक्ति जो एंड्राइड Apps को Develop करता है ) की पहचान की पुष्टि (Identity Verification) की जाएगी। चाहे ऐप Play Store से डाउनलोड किया गया हो या बाहरी सोर्स से यानी दोनों पर यह नियम लागू होगा।
आखिर ये बदलाव क्यों –
- यह कदम खास तौर पर मैलवेयर और वित्तीय धोखाधड़ी रोकने के लिए उठाया गया है।
- नए नियम केवल उन्हीं एंड्रॉयड डिवाइस पर लागू होंगे जो गूगल द्वारा सर्टिफाइड हैं और जिनमें Google Play Store, Play Services और अन्य Google Mobile Services पहले से मौजूद हैं।
- नए नियम Google Apps के कंटेंट की जांच नहीं करेगा बल्कि केवल Developers की पहचान सुनिश्चित करेगा।
Google App Policy | Developer को कौन-कौन सी जानकारी देनी होगी?
अगर कोई Developer जो App Develop करता है और Play Store से बाहर ऐप्स वितरित करना चाहता है तो उसे Android Developer Console के जरिए अपनी जानकारी वेरिफाई करनी होगी।
इसमें शामिल होंगे –
- कानूनी नाम
- पता
- ईमेल आईडी
- फोन नंबर
Additional information needed in case of Organisation
- Organisation की आधिकारिक वेबसाइट
- D-U-N-S नंबर (जो किसी कंपनी की वैश्विक पहचान का प्रमाण होता है)
छात्रों और शौकिया Developers की प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए गूगल उनकी जानकारी सार्वजनिक नहीं करेगा। उनके लिए एक अलग Developer Console अकाउंट होगा जिसमें कम वेरिफिकेशन की आवश्यकता होगी और कोई फीस भी नहीं देनी होगी।
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नियम कब से लागू होंगे?
गूगल इस बदलाव को धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से लागू करेगा।
- अक्टूबर 2025: शुरुआती एक्सेस प्रोग्राम शुरू होगा। Developers इसमें जुड़कर फीडबैक दे सकेंगे।
- मार्च 2026: यह प्रोग्राम सभी Developer ्स के लिए खुल जाएगा।
- सितंबर 2026: ब्राज़ील, इंडोनेशिया, सिंगापुर और थाईलैंड में नियम लागू होगा।
- 2027: पूरे विश्व में विस्तार किया जाएगा।
Reasons for Choosing the Following Countries
गूगल ने शुरुआती चरण में ब्राज़ील, इंडोनेशिया, सिंगापुर और थाईलैंड को चुना है क्योंकि इन देशों में धोखाधड़ी वाले ऐप्स की संख्या काफी ज्यादा पाई जाती है। यहां से शुरुआत करने के बाद धीरे-धीरे बाकी देशों में भी यह नियम लागू होगा।
What difference will the new rule make?

इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि
- सुरक्षित ऐप इंस्टॉलेशन सुनिश्चित होगा।
- मैलवेयर और वायरस से बचाव मजबूत होगा।
- वित्तीय धोखाधड़ी की घटनाओं में कमी आएगी।
- नए और शौकिया Developers को भी एक सुरक्षित प्लेटफॉर्म मिलेगा।
To Save Android Ecosystem
गूगल का यह कदम Android Ecosystem को और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। Developers को अपनी पहचान साबित करनी होगी जिससे नकली ऐप्स और धोखाधड़ी की घटनाओं पर लगाम लगेगी।
यह नियम आने वाले वर्षों में मोबाइल सुरक्षा के लिए एक मजबूत नींव साबित हो सकता है।
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