Stock Market Crash in India
पिछले 10 सालों में Sensex और Nifty की 5 सबसे बड़ी गिरावट
भारतीय Stock Market ने पिछले एक दशक में जबरदस्त तेजी भी देखी और कई बार गहरी गिरावट भी।
अगर समझें तो एक तरफ Sensex और Nifty 50 ने लंबी अवधि में शानदार Return दिए तो वहीं दूसरी तरफ कुछ ऐसे दिन भी आए जब बाजार में अचानक भारी Market Crash देखने को मिला।
ऐसे समय में बड़े Investors के साथ साथ छोटे Investors के Portfolio भी लाल हो गए। इन सब में कभी सरकारी फैसले, कभी Global संकट और कभी Geo-political तनाव ने भी बाजार का रुख बदल दिया।
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आइए आसान भाषा में समझते हैं कि पिछले 10 सालों में भारतीय शेयर बाजार की सबसे बड़ी 5 गिरावटें कौन सी रहीं और उनके पीछे क्या कारण थे –
Stock Market Crash in India:

(i). Demonetization 2016 | नोटबंदी के बाद बाजार में भारी गिरावट
8 नवंबर 2016 की रात भारत सरकार ने Demonetization का ऐतिहासिक फैसला लिया और बड़े नोट अचानक बंद होने की खबर से पूरे देश में हलचल मच गई।
अगले दिन जब Indian Stock Market खुला तो Investors में भारी घबराहट दिखाई दी थी, कुछ आंकड़े इस प्रकार हैं –
- 9 नवंबर 2016 को Sensex करीब 1,689 अंक गिर गया था
- Nifty 50 में लगभग 6.33% की गिरावट हुई
- बाजार में cash liquidity की चिंता हुई
- उसी समय अमेरिका में Presidential election के परिणाम भी आए थे
Cash की कमी और Global uncertainty के कारण Investors ने तेजी से बिकवाली का रास्ता चुना था और इस घटना को पिछले दशक की पहली बड़ी Stock Market Crash माना जाता है।
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(ii). COVID-19 Pandemic Crash 2020 | इतिहास की सबसे तेज गिरावट
साल 2020 में आई COVID-19 Pandemic ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को चरमरा दिया था भारत भी इससे अछूता नहीं रहा।
मार्च 2020 में देशव्यापी Lockdown के ऐलान के बाद बाजार में Panic Selling शुरू हो गई जिसमे
- 23 मार्च 2020 को Sensex लगभग 3,935 अंक गिरा था
- यह करीब 13% की एक दिन की गिरावट थी
- दो महीने में बाजार ने लगभग 38% Value खो दी थी
- हर Sector में भारी बिकवाली थी
जनवरी 2020 में Market record high पर था लेकिन महामारी के डर ने Sentiment पूरी तरह बदल दिए थे हालांकि बाद में Stimulus packages और Liquidity support से बाजार ने मजबूत recovery भी दिखाई थी ।
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(iii). Hindenburg Report 2023 | Adani Group संकट का असर
जनवरी 2023 में अमेरिकी research firm Hindenburg Research की report ने भारतीय बाजार में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था क्युकी उस report में Adani Group से जुड़ी कई गंभीर बातें सामने रखी गईं थी
इस खबर के बाद Adani कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई थी
- Group का market cap: 100 billion डॉलर से अधिक घटा था
- Adani stocks: में तेज गिरावट आई थी
- Banking exposure: को लेकर भी चिंता थी
- Nifty 50: पर Psychological pressure था
हालांकि यह गिरावट पूरे बाजार में एक साथ नहीं फैली लेकिन फिर भी Investors का भरोसा कुछ समय के लिए कमजोर जरूर हुआ था।
(iv). Lok Sabha Election Result Shock 2024 | शेयर बाजार में बड़ी हलचल
साल 2024 के Lok Sabha Election परिणाम वाले दिन भी शेयर बाजार में बड़ी हलचल देखने को मिली थी आपको याद होगा की Exit Polls में मजबूत सरकार की संभावना बताई जा रही थी जिससे बाजार पहले ही record high पर पहुंच गया था।
लेकिन फिर 4 जून 2024 को जब असली नतीजों की गिनती शुरू हुई तो राजनीतिक तस्वीर उम्मीद से अलग दिखाई दी थी ।
- Sensex और Nifty लगभग 6% तक गिर गए थे
- कुछ घंटों में करीब 31 लाख करोड़ रुपये की market value साफ हुई थी
- Investors में अचानक Panic selling फैल गया था
और गैर महामारी दौर में इसे सबसे बड़ी राजनीतिक वजह से आई गिरावट माना जाता है।
(v). Middle East Tension | Oil Price Shock और Market Fall
हाल के समय में Middle East Conflict ने भी global markets को प्रभावित किया हुआ है रोज़ की आती ख़बरों और अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण Crude Oil Price भी तेजी से बढ़ गया है।
हम सभी जानते है भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा import करता है इसलिए Oil price spike का असर सीधे market sentiment पर पड़ा है
- Crude oil 110 डॉलर प्रति बैरल के पार है
- Sensex लगभग 2,500 अंक तक गिरा चुका है
- Nifty में 700 से ज्यादा अंक की Intraday गिरावट दर्ज हुई है
- Oil marketing और paint companies पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है
क्युकी ऊर्जा लागत बढ़ने से inflation और economic pressure की आशंका बढ़ जाती है जिससे बाजार में volatility बढ़ जाती है।
Stock Market Crash in India | A Better Understanding

बाजार की इन बड़ी गिरावटों से कुछ महत्वपूर्ण बातें समझ में आती हैं जैसे –
- Market Volatility: शेयर बाजार का स्वाभाविक हिस्सा है
- Global events: का असर Indian Stock Market पर भी पड़ता है
- Long term investment: अक्सर crash के बाद recovery दिखाता है
- Diversification: Risk को कम करने में मदद करता है
लेकिन एक बात और इतिहास बताता है कि हर बड़ी गिरावट के बाद बाजार ने धीरे-धीरे recovery भी की है, पर अभी का पता नहीं ।
वैसे पिछले 10 वर्षों में Sensex और Nifty 50 ने शानदार growth भी दिखाई और कई बार तेज गिरावट भी देखी उन सब में नोटबंदी, महामारी, कॉरपोरेट विवाद, चुनावी नतीजे और अंतरराष्ट्रीय तनाव जैसे कारणों ने बाजार को कई बार हिला दिया, बिगाड़ दिया और संभाल भी दिया ।
लेकिन लंबी अवधि में देखा जाए तो Indian Stock Market लगातार मजबूत होता गया है इसलिए निवेश की दुनिया में धैर्य, सही जानकारी और संतुलित रणनीति बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
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Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से उप्लब्द्त तथ्यों के आधार पे तैयार किया गया है किसी भी प्रकार का निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित financial advisor से सलाह लेना उचित रहता है।
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