Google Nuclear Energy
Future Plans for AI and Data Centers
आस पास गौर से न भी देखें तो भी पता चलता है की डिजिटल दुनिया तेज़ी से बढ़ रही है और इसी के साथ ऊर्जा की मांग भी, खासकर AI, Cloud Services और Data Centers जैसी तकनीकें अब पहले से कहीं ज्यादा बिजली की खपत कर रही हैं।
इसी चुनौती को देखते हुए Google ने Nuclear Energy को अपनाने का फैसला किया है जिसके तहत हाल ही में कंपनी ने Tennessee Valley Authority (TVA) के साथ साझेदारी की घोषणा की है।
Google और TVA का यह एग्रीमेंट Energy Sector की दिशा बदलने वाला कदम हो सकता है।
Kairos Power नाम की इंजीनियरिंग कंपनी Tennessee में स्थित Oak Ridge में बिजली बना रही है * Hermes 2 Reactor आने वाले वर्षों में यह साबित करेगा कि Nuclear पावर फिर से ऊर्जा जगत का हीरो बन सकता है।
AI और Data Centers के लिए यह पहल केवल बिजली की आपूर्ति नहीं बल्कि एक ग्रीन और सस्टेनेबल भविष्य की शुरुआत है।
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Google Nuclear Energy | Google और TVA का ऐतिहासिक Agreement

यह पहला मौका है जब किसी अमेरिकी यूटिलिटी कंपनी ने इतनी उन्नत तकनीक वाले Nuclear Reactor से बिजली खरीदने का समझौता किया है।
Google का मानना है कि यह कदम केवल कंपनी की जरूरतों को ही पूरा नहीं करेगा बल्कि पूरे अमेरिकी ऊर्जा सेक्टर के लिए एक नई दिशा तय करेगा।
- TVA, Kairos Power के Oak Ridge स्थित Reactor से बिजली खरीदेगा।
- जिसमे Reactor का नाम है * Hermes 2 होगा
- 2030 तक इसके चालू होने की संभावना है।
- बिजली सीधे Tennessee और Alabama में Google के Data Centers को जाएगी।
Google Nuclear Energy | Kairos Power और Oak Ridge की खासियत
Oak Ridge का नाम इतिहास से जुड़ा है यही वह जगह है जहां Manhattan Project के दौरान परमाणु हथियारों के लिए यूरेनियम तैयार किया गया था।
आज वही जगह Advanced Nuclear Research और नए प्रोजेक्ट्स का केंद्र बन चुकी है।
Kairos Power का Hermes 2 Reactor इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है लेकिन अब उद्देश्य विनाश नहीं बल्कि स्वच्छ ऊर्जा है।
Nuclear Energy v/s सौर और पवन ऊर्जा
आज अमेरिका में सौर और पवन ऊर्जा सबसे लोकप्रिय विकल्प बन चुके हैं लेकिन इनकी सबसे बड़ी चुनौती है अनियमितता
जब सूरज नहीं निकलता या हवा नहीं चलती तो इनसे ऊर्जा उत्पादन रुक जाता है।
इसके मुकाबले Nuclear पावर का सबसे बड़ा लाभ है कि यह 24×7 स्थिर बिजली देता है।
यही कारण है कि जहां AI सर्वर और Data Centers को बिना रुके बिजली की जरूरत होती है वहां Nuclear Energy सबसे बेहतर विकल्प साबित हो सकती है। यह सस्ती नहीं तो भी स्थिर और भरोसेमंद है।
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*Hermes 2 की क्षमता और भविष्य की योजना

Kairos Power का Hermes 2 Reactor शुरुआती स्तर पर 50MW बिजली उत्पन्न करेगा। यह क्षमता भले ही छोटी लगे लेकिन यह नेक्स्ट-जनरेशन Nuclear तकनीक का पहला मॉडल है।
अगर यह सफल रहा तो बड़े पैमाने पर और भी उन्नत प्लांट बनाए जाएंगे।
Google का लक्ष्य है कि 2035 तक 500MW Nuclear कैपेसिटी तैयार की जाए। तुलना करने पर पता चलता है कि
2024 में अमेरिका के 94 ऑपरेटिंग Nuclear Reactors की कुल क्षमता लगभग 97,000MW थी जो देश की कुल बिजली उत्पादन का केवल 20% हिस्सा था।
यानी Google की योजना छोटे पैमाने से शुरू होकर भविष्य में बड़ी क्रांति ला सकती है।
Google Nuclear Energy | Google की क्लीन एनर्जी रणनीति
Google लंबे समय से ग्रीन एनर्जी में निवेश कर रहा है पहले कंपनी ने सौर और पवन ऊर्जा को अपनाया और अब Nuclear पर भी दांव लगाया है।
इसका मकसद केवल लागत कम करना ही नहीं बल्कि कार्बन उत्सर्जन घटाना भी है।
रणनीति में निम्न कारक सामिल हैं –
- AI और Cloud Services के लिए निरंतर बिजली आपूर्ति।
- फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता कम करना।
- कार्बन उत्सर्जन में कटौती।
- 2030 तक 100% Carbon Free Energy का लक्ष्य।
Google Nuclear Energy | अमेरिका और दुनिया पर असर
अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता है तो इसका असर सिर्फ अमेरिका पर ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। जैसे सौर ऊर्जा ने एक दशक में लोकप्रियता पाई वैसे ही Nuclear Energy आने वाले वर्षों में फिर से मुख्यधारा में लौट सकती है।
भारत, जापान और यूरोप जैसे देशों में भी Google का यह मॉडल रेफरेंस पॉइंट बन सकता है।
और यह साबित कर सकता है कि Nuclear सिर्फ हथियार बनाने की तकनीक नहीं बल्कि भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा भी है।
अभी और कुछ बाकी है : Google Nuclear Energy
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