Online Gaming Bill 2025
Protection of Youth and Ban on Real Money Games, Introduced e-Sport
भारत में Online Gaming का बाजार तेजी से बढ़ रहा है लेकिन इसके नकारात्मक प्रभाव भी सामने आ रहे हैं। केंद्र सरकार ने इस खतरे को समझते हुए 19th-Aug-2025 को एक बड़ा कदम उठाया ओर Online Gaming Bill 2025 को लोकसभा में पेश किया गया जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को Real Money Games की लत से बचाना और e-sports को बढ़ावा देना है।
Online Gaming Bill 2025 सिर्फ एक कानून नहीं बल्कि भारत के लाखों परिवारों की उम्मीद है जो की युवाओं को Real Money Games के जाल से निकालकर सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाने वाला कदम है।
झारखंड Online – Gaming न्यूज़ और हजारीबाग Online – Gaming घटना जैसी सुर्खियां बताती हैं कि यह बिल क्यों जरूरी था। इस बिल से अब भारत में गेमिंग उद्योग को सकारात्मक दिशा मिलेगी और युवाओं का भविष्य सुरक्षित रहेगा।
भारत में Online Gaming का नया अध्याय शुरू हो चुका है : जो सुरक्षित, जिम्मेदार और उज्ज्वल भविष्य की ओर पहला कदम है |
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आइये जानें Online Gaming Bill 2025 की खास बातें

- (i). फैंटेसी स्पोर्ट्स, पोकर, रम्मी और लॉटरी जैसे Real Money Games पर पूर्ण प्रतिबंध।
- (ii). Online Money Games के विज्ञापन और प्रचार पर रोक।
- (iii). उल्लंघन करने वालों के लिए 3 साल तक जेल और 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना।
- (iv). Online – Gaming अथॉरिटी की स्थापना जो गेम्स का वर्गीकरण करेगी और शिकायतों का समाधान देगी।
- (v). e-Sports को वैध खेल का दर्जा और ट्रेनिंग अकादमी व रिसर्च सेंटर की योजना।
e-Sports को बढ़ावा

यह बिल सिर्फ प्रतिबंध नहीं लगाता बल्कि युवाओं के लिए नए अवसर भी खोलता है जिसमे पहला कदम e-Sports को मान्यता देकर भारत को वैश्विक गेमिंग मैप पर नई पहचान दिलाना है ।
स्थानीय स्तर पर अकादमियां और शोध केंद्र बनने से झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के प्रतिभाशाली युवा भी सुरक्षित और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ पाएंगे।
क्या है हजारीबाग की दर्दनाक घटना?
अगर हजारीबाग Online -Gaming की दर्दनाक घटना को याद करे तो उस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था।
मंडईखुर्द गांव का 21 वर्षीय छात्र Online – Gaming की लत में 15 लाख रुपये हार गया और मानसिक दबाव में आत्महत्या कर ली थी।
पिता ने बताया कि बेटा पढ़ाई में अव्वल था लेकिन Real Money – Games ने जिंदगी छीन ली।
झारखंड के इस दर्दनाक मामले ने साबित कर दिया कि ऑनलाइन गेम्स की लत सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि विनाशकारी जाल है। इसी वजह से झारखंड Online – Gaming न्यूज़ ने इसे लगातार प्रमुखता से उठाया और लोगों ने सरकार से सख्त कदम की मांग की।

सामाजिक और मानसिक असर
Online Money Games का असर सिर्फ जेब पर ही नहीं बल्कि दिमाग और समाज पर भी गहरा पड़ता है जो निम्न कारको को जन्म देता है –
- युवाओं का पढ़ाई और करियर से भटकना।
- कर्ज और आर्थिक बर्बादी।
- मानसिक तनाव, अवसाद और आत्महत्या।
- Money Laundering और डेटा चोरी जैसे अपराध।
कई मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ मानते हैं कि Real Money – Games की लत ड्रग्स और जुए जैसी खतरनाक है इसीलिए सरकार ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता का मुद्दा माना।
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झारखंड और स्थानीय प्रतिक्रिया
हजारीबाग और आसपास के क्षेत्रों में इस बिल का जोरदार स्वागत हो रहा है। शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह कदम युवाओं को सही रास्ते पर लाने में मदद करेगा।
एक शिक्षक ने कहा – “हमारे इलाके के कई छात्र गेमिंग की वजह से पढ़ाई छोड़ चुके थे। यह बिल उनके लिए नई शुरुआत है।”
वहीं पीड़ित परिवारों ने सरकार और प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हुए इसे तुरंत लागू करने की मांग की।
अभी और कुछ बाकी है : Online Gaming Bill 2025
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